PM मोदी की अपील के बाद भी क्यों नहीं टूटेगा सोने का मोह? भारत की कुंडली में दिखा बड़ा कारण

PM Modi Gold Buying Appeal: प्रधानमंत्री मोदी ने गैर-जरूरी सोना न खरीदने की अपील की है. भारत की कुंडली से जानें 2 सितंबर के शुक्र गोचर के बाद सोने की मांग घटेगी या नहीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि जरूरत न हो तो सोना न खरीदें. विदेश में छुट्टियां और डेस्टिनेशन वेडिंग भी टालें. इसके पीछे मकसद विदेशी मुद्रा बचाना और देश के भीतर खर्च बढ़ाना है. लेकिन त्योहारों और शादियों से ठीक पहले क्या भारतीय परिवार सचमुच सोने से दूरी बना लेंगे?
भारत की कुंडली इसका सीधा जवाब नहीं देती. 2 सितंबर 2026 को शुक्र अपनी तुला राशि में आ रहा है. इससे आभूषण खरीदने की इच्छा बढ़ सकती है. दूसरी ओर, धन भाव पर मंगल और शनि का दबाव बता रहा है कि लोगों की पसंद और जेब के बीच बड़ा अंतर रहेगा. यानी बाजार से खरीदार गायब नहीं होंगे, लेकिन उनके खरीदने का तरीका बदल सकता है.
मोदी ने सोना कम खरीदने के लिए क्यों कहा?
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना विदेश से मंगाता है. इसका भुगतान डॉलर में होता है. सोने का आयात बढ़ने पर देश का आयात बिल और व्यापार घाटा बढ़ता है. इससे रुपये और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दबाव पड़ सकता है.
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सोना आयात बढ़कर करीब 71.98 अरब डॉलर हो गया था. यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले लगभग 24 प्रतिशत अधिक था. ऐसे में प्रधानमंत्री की अपील केवल लोगों की निजी खरीद से जुड़ी नहीं है. इसके पीछे देश से बाहर जा रहे डॉलर को बचाने की चिंता भी है.
मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी सोना न खरीदने के साथ विदेशी यात्राएं और विदेश में होने वाली शादियां टालने की बात कही है. उनका जोर पैसा देश के भीतर खर्च करने और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने पर है.
2 सितंबर के बाद शुक्र क्यों बढ़ाएगा मुश्किल?
भारत की मूल कुंडली वृषभ लग्न की है. इसमें शुक्र लग्नेश होने के साथ छठे भाव का स्वामी भी है. इसलिए शुक्र देश के रहन-सहन, खरीदारी की आदत, सुख-सुविधा और बाजार की मांग पर असर डालता है.
2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में आकर भारत की कुंडली के छठे भाव में पहुंचेगा. तुला शुक्र की अपनी राशि है. मजबूत शुक्र सोना, गहने, फैशन और शादी से जुड़ी खरीद की इच्छा बढ़ा सकता है.
लेकिन छठा भाव कर्ज, किस्त, प्रतिस्पर्धा और देनदारी से भी जुड़ा है. इसका अर्थ है कि महंगा सोना खरीदने के लिए ग्राहक नए रास्ते खोज सकते हैं. बाजार में पुराना सोना देकर नया गहना लेने, किस्त पर खरीद, कम वजन वाली ज्वेलरी और मेकिंग चार्ज पर छूट जैसी स्कीम बढ़ सकती हैं.
लोग सोना खरीदना पूरी तरह नहीं छोड़ेंगे, लेकिन एक बार में खरीदे जाने वाले सोने का वजन घट सकता है.
मजबूत शुक्र की दृष्टि विदेशी खर्च पर
तुला राशि में बैठा शुक्र भारत की कुंडली के 12वें भाव मेष को देखेगा. ज्योतिष में 12वां भाव आयात, विदेशी भुगतान और देश से बाहर जाने वाली मुद्रा से जुड़ा माना जाता है.
यही इस कहानी का सबसे महत्वपूर्ण संकेत है. सरकार सोने की खरीद घटाकर विदेशी मुद्रा बचाना चाहती है. दूसरी तरफ मजबूत शुक्र का प्रभाव विदेशी खर्च वाले भाव पर पड़ रहा है. इससे पता चलता है कि सोने और विलासिता से जुड़ा विदेशी भुगतान जल्दी काबू में आना आसान नहीं होगा.
सरकार की अपील निवेश के लिए होने वाली बड़ी खरीद को रोक सकती है. हालांकि शादी और त्योहार से जुड़ी खरीद पर इसका असर सीमित रहने की संभावना है.
धन भाव पर मंगल और शनि का दोहरा दबाव
भारत की 2026 की वर्ष कुंडली सिंह लग्न की है. इसके दूसरे भाव कन्या में शुक्र नीच का होकर बैठा है. दूसरा भाव देश की बचत, पारिवारिक बजट और लोगों की खरीदने की क्षमता बताता है.
इस धन भाव पर मिथुन में बैठा मंगल अपनी चौथी दृष्टि डाल रहा है. वहीं मीन का वक्री शनि सातवीं दृष्टि से इसे देख रहा है. मंगल कीमतों में तेजी और जल्दबाजी दिखाता है. शनि बजट की कमी, देरी और खर्च पर नियंत्रण का संकेत देता है.
इन दोनों के बीच कमजोर शुक्र बता रहा है कि सोना खरीदने की इच्छा तो रहेगी, लेकिन ऊंची कीमत परिवारों को बजट घटाने के लिए मजबूर करेगी. ग्राहक दुकान तक आएगा, भाव पूछेगा, लेकिन भारी गहने के बजाय हल्की ज्वेलरी चुन सकता है.





