शेरवानी इंटर कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर ABVP का ज्ञापन, छात्रों ने भी बताईं समस्याएं; प्रधानाचार्य बोले- आरोप निराधार
छात्रों ने कहा—खुलकर नहीं बोल सकते, ₹400-450 अतिरिक्त फीस का दावा; प्रधानाचार्य ने आरोप नकारे

कासगंज। शेरवानी इंटर कॉलेज, नगरिया में विद्यार्थियों को कथित रूप से हो रही विभिन्न समस्याओं को लेकर ABVP ने आवाज उठाई। ABVP कार्यकर्ताओं ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए विद्यालय की फीस व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं, निजी कोचिंग के कथित दबाव और विद्यार्थियों के साथ व्यवहार सहित कई बिंदुओं की जांच कराने की मांग की

फीस को लेकर छात्रों ने रखी अपनी बात
फीस के संबंध में ABVP की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद कई विद्यार्थियों से बातचीत की गई। शुरुआत में कुछ छात्र इस मामले में खुलकर बोलने से बचते नजर आए। बाद में कुछ विद्यार्थियों ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर अपनी बात रखी।
विद्यार्थियों का दावा है कि विद्यालय में निर्धारित फीस के अतिरिक्त करीब 400 से 450 रुपये लिए जाते हैं। छात्रों के अनुसार यह राशि जनरेटर और पंखे जैसी सुविधाओं के नाम पर ली जाती है। कुछ छात्रों ने कहा कि वे विद्यालय के सामने इस संबंध में खुलकर अपनी बात नहीं रख सकते, लेकिन उनके अनुसार अतिरिक्त शुल्क लिए जाने की बात सही है।
हालांकि, विद्यार्थियों द्वारा किए गए इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में विद्यालय प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है।
ABVP ने लगाए ये आरोप
ABVP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विद्यालय में विद्यार्थियों से निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि लिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों पर निजी कोचिंग लेने के लिए कथित रूप से दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया।
निजी कोचिंग के लिए दबाव बनाए जाने के आरोप को कुछ विद्यार्थियों ने खारिज किया। छात्रों ने बताया कि विद्यालय की ओर से निजी कोचिंग लेने के लिए उन पर कोई दबाव नहीं बनाया गया।
परिषद ने मांग की कि विद्यालय में ली जा रही फीस की पूरी जांच कराई जाए और विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से निर्धारित नियमों के अनुसार ही शुल्क लिया जाए।

ABVP ने विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं पर भी सवाल उठाए। परिषद के अनुसार कुछ कक्षाओं में पंखों की पर्याप्त अथवा उचित व्यवस्था नहीं है। बिजली जाने पर विद्यालय में जनरेटर उपलब्ध होने के बावजूद उसका इस्तेमाल नहीं किए जाने की शिकायत भी विद्यार्थियों की ओर से बताई गई।
इसके साथ ही टीसी और फॉर्म के नाम पर अधिक शुल्क लिए जाने की शिकायत भी उठाई गई। परिषद ने सभी शुल्कों को स्पष्ट करने और नियमानुसार राशि लिए जाने की मांग की।

ABVP ने कुछ विद्यार्थियों के साथ अनुचित व्यवहार और मारपीट के आरोप भी लगाए तथा पूरे मामले की जांच की मांग की।

प्रधानाचार्य ने आरोप नकारे
विद्यालय के प्रधानाचार्य रामबरन सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुशासन और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सख्ती की गई है। कुछ अराजक तत्वों के विद्यालय में प्रवेश के प्रयास के कारण गेट बंद कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय की छवि खराब करने के लिए छात्रों का सहारा लिया जा रहा है।
प्रधानाचार्य ने कहा कि उनके कार्यकाल में विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

ज्ञापन देने वालों में ABVP जिला विस्तारक ध्रुव गंगवार, विभाग संयोजक यश मिश्रा, जिला संयोजक हिमांशु लोधी, दिवांशु, ललित, ललित राजपूत, उत्कर्ष, अमन साहू, माधव, कपिल, सचिन, अरुण, नितिन और सुमित सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

