कासगंज में एमएलसी चुनाव संपन्न, डीएम-एसपी ने किया बूथों का निरीक्षण; सपा सांसद देवेश शाक्य ने उठाए चुनावी व्यवस्था पर सवाल
निरपेक्ष समाचार | कासगंज

23 अक्टूबर को आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए मतदान संपन्न हो गया। जिले में मतदान के दौरान प्रशासन और पुलिस की सक्रियता देखने को मिली। जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था और मतदान संबंधी इंतजामों का जायजा लिया। वहीं, सोरों नगर में मीडिया से बातचीत के दौरान सपा सांसद देवेश शाक्य ने सावर बूथ पर चुनावी गड़बड़ी की आशंका जताते हुए भाजपा विधायक हरिओम वर्मा को लेकर सवाल उठाए।

जिले में 20 मतदान केंद्रों पर हुआ मतदान
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए कासगंज जनपद में कुल 20 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 9,925 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 6,079 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस वर्ग में 61.25 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।

वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 1,291 पंजीकृत मतदाताओं में से 851 शिक्षकों ने मतदान किया। शिक्षक वर्ग में 65.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे समाप्त हुआ।
डीएम और एसपी ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण
मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने सोरों स्थित नगर पालिका परिषद और खंड विकास कार्यालय के मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मतदान की व्यवस्था, मतदाताओं की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। पुलिसकर्मियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने तथा मतदान केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिले के मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
सोरों में सपा सांसद देवेश शाक्य ने उठाए सवाल
इसी चुनाव के दौरान सोरों नगर में मीडिया से बातचीत करते हुए सपा सांसद देवेश शाक्य ने सावर बूथ पर चुनावी गड़बड़ी की आशंका जताई। सांसद ने भाजपा विधायक हरिओम वर्मा को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विधायक मतदान केंद्र के अंदर जा रहे हैं, जबकि उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

सांसद ने इस स्थिति पर सवाल खड़े किए और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आशंका जाहिर की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। संबंधित विधायक का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
अधिकारियों ने दिया निष्पक्ष मतदान का आश्वासन
सांसद देवेश शाक्य के अनुसार, इस मामले को लेकर मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और सामने आई समस्या को तत्काल ठीक कराया जाएगा।

इस घटनाक्रम में सांसद द्वारा उठाए गए सवालों और अधिकारियों के आश्वासन के बीच वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित मतदान केंद्र के अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ मतदान
जिले में मतदान के दौरान प्रशासन और पुलिस की टीमें सक्रिय रहीं। मतदान समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया। अब मतगणना का इंतजार है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।

निरपेक्ष समाचार की नजर चुनावी प्रक्रिया, प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों से जुड़े सवालों पर बनी रहेगी।