नवजात बिक्री का आरोप: मां समेत 5 पर FIR, 45 दिन के मासूम का ₹1.30 लाख में सौदा; पुलिस ने बच्चा बरामद किया
कासगंज में नवजात की विक्री

सोरों, कासगंज। कासगंज जिले के सोरों क्षेत्र में महज 45 दिन के नवजात को कथित तौर पर 1.30 लाख रुपये में बेचने का मामला सामने आया है। बच्चे के पिता की तहरीर पर पुलिस ने उसकी पत्नी समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। मामले में एक डॉक्टर दंपती के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने नवजात को बरामद कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

बस स्टैंड से बच्चा गायब होने की बताई कहानी
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, बनूपुर पुख्ता गांव निवासी अरविंद पुत्र रमेशचंद्र फरीदाबाद में सोनपपड़ी बनाने वाली कंपनी में काम करते हैं। उनकी पत्नी क्रांति अपने तीन बच्चों के साथ गांव में रहती हैं।
अरविंद का आरोप है कि 16 अक्टूबर को उनकी पत्नी ने फोन कर बताया कि वह करीब 45 दिन के बेटे को दवा दिलाने के लिए कासगंज गई थीं। वहां बस स्टैंड पर बच्चे को एक अज्ञात महिला के पास छोड़कर शौचालय चली गईं। वापस लौटने पर महिला और बच्चा दोनों गायब मिले।
1.20 लाख रुपये खाते में, 10 हजार नकद देने का आरोप
अरविंद ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया कि उनकी पत्नी का सोरों के लहरा रोड क्षेत्र में क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर अरुण पुत्र रामवीर सिंह और उनकी पत्नी पिंकी से परिचय था। शिकायत के मुताबिक, कथित तौर पर तीनों ने मिलकर नवजात को एक अज्ञात दंपती को बेच दिया।
आरोप है कि इस कथित सौदे के तहत 1.20 लाख रुपये क्रांति के बैंक खाते में जमा कराए गए, जबकि 10 हजार रुपये नकद दिए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
महिला डॉक्टर को हिरासत में ले जाने का वीडियो सामने आया
मामले के संबंध में दो दिन पहले महिला डॉक्टर पिंकी को मानपुर नगरिया से पुलिस हिरासत में लेकर जाती दिखाई दीं। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, वीडियो अपने आप में मामले में किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित नहीं करता।
नवजात बरामद, अस्पताल में कराया गया उपचार
बच्चे के पिता की शिकायत पर सोरों थाने में मां समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने नवजात को बरामद कर लिया है। बच्चे की स्थिति को देखते हुए उसे अस्पताल में उपचार भी दिलाया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस कथित लेनदेन, बच्चे को सौंपे जाने की परिस्थितियों और मामले में नामजद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में किसी की दोषसिद्धि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



