कासगंज के मानपुर नगरिया में तालाब में अज्ञात व्यक्ति ने डाली दवा, 30–40 कुंतल मछलियां मरने की आशंका
तीन साल से मछली पालन कर रहे भूमिहीन रामपाल का आरोप—दवा डालकर छीना परिवार का आखिरी सहारा, बेटी की शादी से पहले आर्थिक संकट
कासगंज। जनपद कासगंज के मानपुर नगरिया गांव में मछली पालन करने वाले एक परिवार के सामने अचानक बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया। गांव निवासी रामपाल पुत्र ईश्वरी लाल के तालाब में 18 सितंबर की दोपहर अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से दवा डालने के बाद बड़ी संख्या में मछलियों के मरने का मामला सामने आया है। पीड़ित के अनुसार तालाब में करीब 30 से 40 कुंतल मछलियां थीं, जिनमें से बड़ी संख्या में मछलियां मरकर तालाब के किनारे आ गईं।

रामपाल के मुताबिक, 18 सितंबर की शाम गांव के कुछ लोगों ने उन्हें तालाब में मछलियां मरने की जानकारी दी। शुरुआत में उन्हें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब वह तालाब पर पहुंचे तो बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में मिलीं। रामपाल का कहना है कि मछलियां लगातार मर रही थीं और काफी संख्या में मरी हुई मछलियां तालाब के किनारे आ चुकी थीं।

घटना के बाद रामपाल बेहद परेशान हो गए। रात होने के कारण उन्होंने अगले दिन संबंधित अधिकारियों को सूचना देने का निर्णय लिया। उन्होंने मानपुर नगरिया चौकी के साथ ही विकास भवन स्थित मत्स्य विभाग, कासगंज को भी मामले की जानकारी दी।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभाग को सूचना दी, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जांच करने नहीं पहुंचा। इसके बाद रामपाल ने पत्रकारों से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी

पत्रकारों की सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी
मामले में मानपुर नगरिया चौकी प्रभारी आशीष राय ने बताया कि घटना के समय वह छुट्टी पर थे, जिसके कारण उन्हें मामले की तत्काल जानकारी नहीं मिल पाई थी। उन्होंने बताया कि पत्रकारों के माध्यम से जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वह तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और तालाब का निरीक्षण करते हुए पूरे मामले की जानकारी ली।
चौकी प्रभारी ने पीड़ित रामपाल को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तीन साल से कर रहे थे मछली पालन
रामपाल ने बताया कि वह पिछले करीब तीन वर्षों से मछली पालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने तालाब को 30 हजार रुपये सालाना के पट्टे पर लिया था। रामपाल के अनुसार उनके पास अपनी कोई जमीन नहीं है और मछली पालन ही उनके परिवार की आय का प्रमुख सहारा था।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कई महीनों से मछलियों को बेचने के बजाय उन्हें तालाब में तैयार किया था, क्योंकि उनके परिवार में बेटी की शादी तय है। फरवरी में फुलरा दूज के आसपास उनकी बेटी की बारात आने वाली है। ऐसे में मछलियों की मौत से परिवार के सामने अचानक बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
रामपाल ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि मछली पालन उनके परिवार का आखिरी सहारा था। उनका आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने तालाब में दवा डालकर उनकी मेहनत और आय के साधन को बर्बाद कर दिया

जिला पंचायत अध्यक्ष से भी लगाई मदद की गुहार
पीड़ित रामपाल ने जिला पंचायत अध्यक्ष बॉबी कश्यप से भी संपर्क कर मदद की गुहार लगाई। रामपाल के अनुसार, जिला पंचायत अध्यक्ष ने उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
वहीं रामपाल का कहना है कि मत्स्य विभाग की ओर से अभी तक उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए, मछलियों की मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जाए और यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर तालाब में दवा डाले जाने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
घटना का जिक्र करते हुए रामपाल की पत्नी भावुक हो गईं और रोने लगीं। परिवार का कहना है कि तीन वर्षों की मेहनत से तैयार की गई मछलियों के अचानक मरने से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। बेटी की शादी सामने होने के कारण परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
फिलहाल तालाब में मछलियों की मौत का वास्तविक कारण क्या है और क्या किसी व्यक्ति ने तालाब में दवा डाली थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पानी और मृत मछलियों की जांच से मौत के कारण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
पीड़ित रामपाल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी का पता लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई करने तथा हुए आर्थिक नुकसान को देखते हुए परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।


